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Principle of One World One Family One Future: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- “एक विश्व, एक परिवार, एक भविष्य” का सिद्धांत दुनिया के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण

Principle of One World One Family One Future: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर के महात्मा मन्दिर में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन के महत्वपूर्ण अवसर पर देशवासियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि “एक विश्व, एक परिवार, एक भविष्य” का सिद्धांत अब वैश्विक कल्याण के लिए आवश्यक हो गया है। उन्होंने भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने और अगले 25 वर्षों को ‘अमृत काल’ बनाने का संकल्प दोहराया।

भविष्य का समय है, नए सपनों का समय है – प्रधानमंत्री मोदी

श्री मोदी ने कहा कि यह समय है नए सपनों, नए संकल्पों और निरंतर उपलब्धियों का, जो भारत को आगे बढ़ने के लिए तैयार करेगा। उन्होंने ‘अमृत काल’ की बात करते हुए बताया कि यह संकल्प भारतीय जनता को सशक्त बनाए रखने का हिस्सा है और भविष्य में सुरक्षित और समृद्ध राष्ट्र की दिशा में है।

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भारत-संयुक्त अरब अमीरात की साझेदारी: नवीनतम निवेश की कड़ी मेहनत

प्रधानमंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और आबुधाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नह्यान की शिखर सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों को दर्शाते हुए नवीनतम निवेशों के लिए साझेदारी का विस्तार करने की बात की। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र, नवाचारी स्वास्थ्य देखभाल और बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे में अरब डॉलर के निवेश को बढ़ाने में भारत-संयुक्त अरब अमीरात की साझेदारी को प्रमोट किया गया है।

भारत की जी20 अध्यक्षता: विश्व मित्रता की भूमिका में आगे बढ़ते हुए

प्रधानमंत्री ने भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान भविष्य के लिए एक रोड मैप प्रस्तुत किया, जिसे वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन के दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने भारत, इस्राइल, संयुक्त अरब अमीरात, और अमरीका के समूह – आई2यू2 तथा बहुपक्षीय संगठनों के साथ साझेदारी को मजबूत बनाने का सुझाव दिया। ‘एक विश्व, एक परिवार, एक भविष्य’ के सिद्धांत के साथ, इस साझेदारी का उद्दीपन करते हुए उन्होंने बताया कि इससे वैश्विक कल्याण की पहली शर्त पूरी हो गई है।

शिखर सम्मेलन का दृष्टिकोण: 34 देशों और 16 संगठनों का समर्थन

इस वर्ष के शिखर सम्मेलन की थीम ‘भविष्य का प्रवेश द्वार’ है, जिसमें 34 देशों और 16 संगठनों का समर्थन है। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय इस मंच का उपयोग कर रहा है ताकि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के अवसरों को प्रमोट किया जा सके।

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एक विश्व, एक परिवार, एक भविष्य का सशक्त निर्माण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महत्वपूर्ण समय में विश्व को एक समृद्ध, सुरक्षित, और मित्रभाषी भारत के साथ साझेदारी करने का संकल्प दिखाया है। उनके उद्घाटन सत्र में दिखाए गए संकल्प और उनकी व्यापक दृष्टिकोण से साफ है कि वह एक बेहतर भविष्य की दिशा में अग्रसर हैं और मानवता के लिए ‘एक विश्व, एक परिवार, एक भविष्य’ के सिद्धांत के साथ कड़ी मेहनत कर रहे हैं। More Details….

सामान्य प्रश्न (FAQs) वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन के बारे में

  1. प्रधानमंत्री मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन में कौन-कौन से मुद्दे उठाए हैं?

    उत्तर: प्रधानमंत्री मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र, नवाचारी स्वास्थ्य देखभाल, और बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे में अरब डॉलरों के निवेश को बढ़ाने की बात की है, जिससे भारत-संयुक्त अरब अमीरात की साझेदारी मजबूत होगी।

  2. वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन का इस वर्ष 2024 का थीम क्या है?

    उत्तर: इस वर्ष 2024 का शिखर सम्मेलन का थीम ‘भविष्य का प्रवेश द्वार’ है, और प्रधानमंत्री ने इसे विशेष रूप से उज्ज्वल करने के लिए वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन के दृष्टिकोण से जोड़ा है।

  3. किस देश के राष्ट्रपति और शासक को वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में स्वागत किया गया था?

    उत्तर: संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और आबुधाबी के शासक, शेख मोहम्मद बिन जायद अल नह्यान, को मुख्य अतिथि के रूप में स्वागत किया गया था।

  4. कौन-कौन से देश और संगठन वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन की हिस्सा हैं?

    उत्तर: शिखर सम्मेलन में 34 सहयोगी देश और 16 भागीदार संगठन हिस्सा ले रहे हैं।

  5. भारत ने भविष्य के लिए कौन-कौन सी पहल की है?

    उत्तर: भारत ने इस नए युग की शुरुआत में ‘एक विश्व, एक परिवार, एक भविष्य’ के सिद्धांत के साथ संयुक्त रूप से इस्राइल, संयुक्त अरब अमीरात, और अमरीका के समूह – आई2यू2 तथा अन्य बहुपक्षीय संगठनों के साथ साझेदारी को मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।

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