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Chinese occupation in Bhutan: भूटान में चीनी कब्जे का आंखों देखा गया सबूत, 5 चौंकाने वाले तस्वीरें

Chinese Occupation in Bhutan: भूटान के उत्तरी इलाकों में चीन की कब्जा बढ़ती गतिविधियों को लेकर नए सैटेलाइट इमेजेस से हुआ खुलासा। इन छवियों के मुताबिक, चीन ने बेयुल खेनपाजोंग इलाके में शाही परिवार से जुड़ी जमीनों पर इमारतें और सड़कें बनाई हैं। इस तथ्य के साथ, जब चीन और भूटान सीमा विवाद सुलझाने के लिए बातचीत कर रहे हैं, तो यह नई गतिविधियां सीमा क्षेत्र में तनाव बढ़ा रही हैं।

बेयुल खेनपाजोंग में चीनी कंस्ट्रक्शन की तस्वीरें सामने आईं

सैटेलाइट इमेजेस के अनुसार, अमेरिका की मैक्सार टेक्नोलॉजी ने जो तस्वीरें जारी की हैं, उनमें बेयुल खेनपाजोंग में पिछले 3 सालों में हुए चीनी कंस्ट्रक्शन को दिखाया गया है। यह इलाका भूटान के शाही परिवार से जुड़ा है और यहां चीन ने शाही परिवार के संपत्ति पर इमारतें और सड़कें बनाई हैं।

Chinese occupation in Bhutan: भूटान में चीनी कब्जे का आंखों देखा गया सबूत, 5 चौंकाने वाले तस्वीरें
Chinese occupation in Bhutan: भूटान में चीनी कब्जे का आंखों देखा गया सबूत, 5 चौंकाने वाले तस्वीरें

भूटान के लिए सांस्कृतिक महत्व रखने के बावजूद, चीन की महत्वाकांक्षाएं बन रही हैं स्पष्ट

लंदन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज (SOAS) के तिब्बती इतिहास के एक्सपर्ट प्रोफेसर रॉबर्ट बार्नेट के अनुसार, चीन की इस गतिविधि के पीछे उसकी महत्वाकांक्षाएं हैं। वह कहते हैं, “भूटान के लिए बेयुल खेनपाजोंग सांस्कृतिक महत्व रखता है, यह जानते हुए भी चीन कंस्ट्रक्शन कर रहा है। वो जानता है कि भूटान इस हरकत का जवाब नहीं दे सकता है।”

भूटान सरकार का कब्जे को रोकने में नाकामी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि शाही परिवार के पुरखों की धरोहर पहाड़ी इलाके तक फैली है, और इन्हीं पर चीन कब्जा कर रहा है। इसके बावजूद, भूटान सरकार यहां चीन के कब्जे को रोकने में नाकाम रही है।

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चीन-भूटान सीमा विवाद पर चर्चा

भूटान और चीन दोनों ही अपने क्षेत्र में चीनी घुसपैठ को हमेशा के लिए खत्म करने की कोशिश में हैं। अक्टूबर 2023 में भूटान के विदेश मंत्री टांडी दोर्जी ने बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में चीनी विदेश मंत्री ने बताया कि वह चीन सीमा विवाद सुलझाने के लिए तैयार है।

भूटान के प्रधानमंत्री लोताय शेरिंग ने भी हाल ही में एक इंटरव्यू में चीन के डोकलाम की जमीन की अदला-बदली करने के प्रस्ताव का जिक्र किया है।

चीन का विस्तार, जाकरलुंग घाटी में बड़े गांवों का निर्माण

चीन ने जाकरलुंग घाटी में अपने लोगों के रहने के लिए 129 बिल्डिंग्स बना रहा है और थोड़ी दूर पर 62 इमारतों का कंस्ट्रक्शन भी हो रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि चीन, भूटान में दो बड़े गांव बना रहा है।

लंदन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रॉबर्ट बार्नेट का कहना है कि चीन नॉर्थ भूटान पर कब्जा करना चाहता है और आने वाले समय में नॉर्थ भूटान की जाकरलुंग घाटी चीन के हाथों में जा सकती है।

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चीन की पूर्व प्रयास, भूटान के इलाकों में रोड निर्माण

चीन ने पहले भी भूटान के इलाकों में रोड बनाने का प्रयास किया है। हालांकि, ये प्रयास ज्यादातर पश्चिमी भूटान में हुआ था। 2017 में चीन ने दक्षिण-पश्चिम में डोकलाम में रोड बनाने की कोशिश की थी, जहां उसकी भारतीय सैनिकों से झड़प हुई थी।

भूटान का सबसे बड़ा सहयोगी देश है भारत

भूटान का ऐतिहासिक रूप से सबसे बड़ा सहयोगी देश है भारत। इस 8 लाख की आबादी वाले देश की गुट निरपेक्ष नीति है और इसने अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, फ्रांस, और रूस के साथ राजनयिक संबंध नहीं बनाए हैं। 1949 में भारत-भूटान के बीच हुई संधि ने उनके बीच विदेश नीति, व्यापार और सुरक्षा को लेकर सहमति किया था। 2007 में इस संधि के बावजूद, 2007 में विदेश नीति का प्रावधान हटा दिया गया, लेकिन भारत अब भूटान का सबसे बड़ा राजनयिक और आर्थिक साथी है। दोनों देशों के बीच के संबंधों में एकजुटता का होना भूटान के लिए एक सुरक्षित और स्थायी संबंध बना रखता है।

भूटान-चीन सीमा विवाद: दो इलाकों में तनाव

भूटान की लगभग 600 किमी लंबी सीमा चीन से मिलती है, और इस सीमा क्षेत्र में दो विशेष इलाके हैं जिनमें विवाद है। पहला इलाका है डोकलाम, जिसका क्षेत्रफल 269 वर्ग किमी है, और दूसरा इलाका है उत्तर भूटान में 495 वर्ग किमी का जकारलुंग और पासमलुंग घाटी का क्षेत्र। इन इलाकों में तनाव बना हुआ है और चीन ने यहां अपने आधिकार की पुष्टि के लिए कई प्रयास किए हैं।

चीन के साथ भूटान की सीमा सुलझाने की कोशिशें

चीन और भूटान ने हाल ही में ‘थ्री-स्टेप रोडमैप’ के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य सीमा विवाद को सुलझाना है। यह समझौता सीमा क्षेत्र में नए तंत्रों को स्थापित करने का प्रयास है और दोनों देशों के बीच सशक्त संबंधों की बढ़ावा करने का प्रयास है।

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भूटान की विशेषता और भारत के साथ संबंध

भूटान का विशेष स्थान है क्योंकि यह एक नेतृत्वपूर्ण राजनीतिक संघ है जो आपके आसपास के सभी विशाल राष्ट्रों के साथ भले ही राजनयिक संबंध ना बनाए हों, लेकिन यह अपने पूर्वी पड़ोसी भारत के साथ मजबूत और दोस्ताना संबंध बनाए रखता है। इस तात्कालिक चुनौती के बावजूद, भूटान ने भारत के साथ अपने संबंध को बनाए रखने का ठाना किया है और यहां बने चीनी कंस्ट्रक्शन की खबरें देखकर सतर्क रह रहा है।

चीन की इस तेजी से बढ़ती कब्जे की गतिविधियों ने भूटान को चुनौती दी है और दुनिया के सामने एक नए क्षेत्र में उसकी भूमिका को लेकर सवाल उठा रही है। चीन की इस चालाकी ने भूटान को उसकी आत्मनिर्भरता और सुरक्षा की आवश्यकता को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। विशेषकर, इस समय जब चीन और भारत के बीच सीमा सुलझाने की कोशिशें जारी हैं और राजनीतिक समर्थन में भूटान अपने स्थान को मजबूत बनाए रखना चाहता है।

अगले कदम

भूटान को चीन के कब्जे से निपटने के लिए सही समर्थन और साहस की आवश्यकता है। यह उच्च स्तरीय बातचीत में शामिल होने और अपनी सुरक्षा को बढ़ाने के लिए विभिन्न राष्ट्रों से सहायता मांगने के लिए समझदारी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। भूटान को अपनी स्वतंत्रता और सौर्ष्ट्र प्राप्त करने के लिए एक स्वतंत्र और सुरक्षित राष्ट्र बनाए रखने के लिए सक्रिय रूप से काम करना होगा।

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सामान्य प्रश्न (FAQs) भूटान में चीनी कब्जे का आंखों देखा गया सबूत के बारे में

प्रश्न – चीन ने भूटान के उत्तरी इलाकों में कब्जा क्यों किया है?

उत्तर: चीन ने भूटान के उत्तरी इलाकों में कब्जा करने की कई गतिविधियां की हैं, जो इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, इमारतें, और सड़कों के निर्माण को शामिल करती हैं। इसका मुख्य उद्देश्य भूटान के उत्तरी क्षेत्रों में अपना प्रभाव बढ़ाना और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों पर कब्जा करना है।

प्रश्न – कैसे पता चला कि चीन ने भूटान में इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाई है?

उत्तर: मैक्सार टेक्नोलॉजी की सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर पता चला है कि चीन ने भूटान के उत्तरी इलाकों में पिछले 3 सालों में इंफ्रास्ट्रक्चर की विकास गतिविधियां बढ़ाई हैं।

प्रश्न – भूटान सरकार क्यों चीन के कब्जे को रोकने में नाकाम रही है?

उत्तर: विशेषज्ञों के अनुसार, भूटान के लिए यह कठिन है क्योंकि चीन इस क्षेत्र में कब्जा करने की गतिविधियों को चुनौतीपूर्ण तरीके से कर रहा है और भूटान का इस पर जवाब देना मुश्किल है।

प्रश्न – चीन-भूटान सीमा विवाद पर बातचीत का स्थिति क्या है?

उत्तर: भूटान और चीन वर्तमान में सीमा विवाद सुलझाने के लिए बातचीत कर रहे हैं। अक्टूबर 2023 में भूटान के विदेश मंत्री टांडी दोर्जी ने चीन के विदेश मंत्री से मुलाकात की थी।

प्रश्न – चीन ने भूटान के किस अन्य क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया है?

उत्तर: चीन ने जाकरलुंग घाटी में अपने लोगों के रहने के लिए 129 बिल्डिंग्स बनाई हैं और थोड़ी दूर पर 62 इमारतों का कंस्ट्रक्शन भी किया है।

प्रश्न – भूटान का सबसे बड़ा सहयोगी देश कौन है?

उत्तर: भूटान का सबसे बड़ा सहयोगी देश भारत है। भूटान और भारत के बीच मजबूत राजनयिक और आर्थिक संबंध हैं और भारत भूटान का सबसे महत्वपूर्ण साथी है।

प्रश्न – भूटान को चीन के कब्जे से निपटने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए जा सकते हैं?

उत्तर: भूटान को चीन के कब्जे से निपटने के लिए सही समर्थन और साहस की आवश्यकता है। इसमें उच्च स्तरीय बातचीत, अन्य राष्ट्रों से सहायता मांगने का प्रयास और स्वतंत्रता और सुरक्षा की दृष्टि से काम करना शामिल है।

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